तुम आना ज़रूर…सी.एम्. शर्मा (बब्बू)….

तुम लौट कर नहीं आये….
सांसें आ जा रही थी…
प्राण नहीं आये….
तुम लौट कर नहीं आये…..

शरीर निर्जीव हो गया है मेरा…
प्राण हैं की इंतज़ार में….
आँखों में आ फांसी पे हैं लटके…
आस में हैं फिर भी…
शायद तू आये…

बेबसी…लाचारी क्या होती है…
मेरी आँखों में देखना तुम…
इंतज़ार की इन्तेहा….
प्यार में पल पल तड़प के…
जीने का नशा…
सब देखना तुम…
उनमें बदलते मौसम की तरह…
अपनी तस्वीर भी देखना तुम…

देखना ज़रूर तुम आ के….
नहीं तो आँखें बंद नहीं होंगी…
और राज़ तेरा खोल देंगी….
इसलिए….
तुम आना ज़रूर…
\
/सी.एम्. शर्मा (बब्बू)

16 Comments

    • C.M. Sharma babucm 21/01/2017
  1. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 20/01/2017
    • C.M. Sharma babucm 21/01/2017
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 20/01/2017
    • C.M. Sharma babucm 21/01/2017
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/01/2017
    • C.M. Sharma babucm 21/01/2017
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/01/2017
    • C.M. Sharma babucm 21/01/2017
  5. sumit jain sumit jain 21/01/2017
    • C.M. Sharma babucm 21/01/2017
  6. Madhu tiwari Madhu tiwari 21/01/2017
    • C.M. Sharma babucm 23/01/2017
  7. आनन्द कुमार ANAND KUMAR 22/01/2017
    • C.M. Sharma babucm 23/01/2017

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