जलजला ऐ मोहोब्बत

“जलजला ऐ मोहोब्बत उड़ा ले गया मुझे,
जब संभला तब देखा कुछ टूट गया था।
रिश्तो को निभाना कब न चाहा था मैंने,
फिर भी एक रिश्ता था जो कहीं छूट गया था।।”

(विवेक बिजनोरी)

4 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 16/01/2017
  2. C.M. Sharma babucm 16/01/2017
  3. Madhu tiwari Madhu tiwari 16/01/2017
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 17/01/2017

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