प्रथम किरण—डी. के . निवातिया

दरख्तों से पत्तियो तक
लुढ़कती शबनम सिमटती पुष्प कपोल !
निशा छिपती नजर आये,
ज्यो रवि की प्रथम किरण से मिले भोर !!
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डी. के . निवातिया

14 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 07/01/2017
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/01/2017
  2. babucm babucm 07/01/2017
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/01/2017
  3. mani mani 07/01/2017
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/01/2017
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/01/2017
  4. कृष्ण सैनी कृष्ण सैनी 09/01/2017
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/01/2017
  5. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 09/01/2017
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/01/2017
  6. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/01/2017
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/01/2017

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