काश……….!—–ऋतुराज

मन का तिमिर दूर हो
हृदय में उजियारा रहे ।
मैं तेरा प्यारा रहूॅ
तू मुझे प्यारा रहे ।
चलो हर पथ को रौशन करें यूं
क्या हिन्दु क्या मुसलमां रहे ।

#ऋतुराज

4 Comments

  1. निवातियाँ डी. के. निवातियाँ डी. के. 06/01/2017
  2. babucm babucm 06/01/2017
  3. कृष्ण सैनी कृष्ण सैनी 09/01/2017

Leave a Reply