जज्बा मुहब्बत का – शिशिर मधुकर

तेरा भरोसा आज भी खुलकर ये कहता है
जज्बा मुहब्बत का तेरी रग रग में रहता है

इन दुनियाँ वालों नें जब मुँह पर जड़े ताले
दिल की बातें इंसा फ़िर नज़रों से कहता है

टूटे दिलों के घाव कब आसानी से भरते है
इस पीर को यहाँ इंसान सारी उम्र सहता है

सागर की लहरों पर कभी ना जोर चलता है
नदियों का पानी भी उसी की ओर बहता है

एक बार कोई जब यहाँ यादों में बस जाए
उस छवि को इंसा सदा तकता ही रहता है

शिशिर मधुकर

12 Comments

  1. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 05/01/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 05/01/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 05/01/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 05/01/2017
  3. C.M. Sharma babucm 05/01/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 05/01/2017
  4. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 05/01/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 05/01/2017
  5. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 05/01/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 05/01/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 07/01/2017

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