शहीद (चौपाई छंद)….मनिंदर सिंह “मनी”

लिपट तिरंगे में अब आये
हँसते हँसते फ़र्ज़ निभाये |
इतनी चुप्पी क्यों हो डाले,
दूर देश को जाने वाले ||

देखो रोते बालक कैसे
तुम बोलोगे ना अब जैसे |
माँ बाबू की फटती छाती
मुनिया भी बेहोशी खाती ||

सूनी हो गयी माँग हमारी
लूट गयी अब खुशियाँ सारी |
टूट रही चूड़ी हाथो की
जरूरत नहीं इन सांसो की ||

छत रिसता है घर की तेरे
फटे हुए है छादन मेरे |
तुम्हे दवा थी माँ की लानी
तुमने चुप्पी क्यों है तानी ||

क्यों करते हो तुम मनमानी
चलो सुनाओ बात सुहानी |
आज नहीं क्या रोटी खानी
नहीं आज क्यों माँगा पानी ||

कुछ तो बोलो चुप्पी तोड़ो
हठ करना तुम अपना छोड़ो |
उठा लिया कांधो पर सबने
कौन खता की है अब हमने ||

न देर से ही तुम आओगे
न कहीं जल्दी अब जाओगे |
चले फ़िदा कर के तुम खुद को
थमा दिया तुमने सब मुझ को ||

मनिंदर सिंह “मनी”

14 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 03/01/2017
    • mani mani 05/01/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 04/01/2017
    • mani mani 05/01/2017
  3. babucm babucm 04/01/2017
    • mani mani 05/01/2017
  4. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 04/01/2017
    • mani mani 05/01/2017
    • mani mani 05/01/2017
  5. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 04/01/2017
    • mani mani 05/01/2017
  6. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 04/01/2017
    • mani mani 05/01/2017

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