काश!मेरे हाथ—मधु तिवारी

काश! मेरे हाथ कोई, जादू की छड़ी आ जाए
फिर मैं तेरे सारे गम,चुटकी मे दूर कर दूं

काश! मेरी दुआएं ,ऐसा असर दिखाएं
फिर मैं तेरे जीवन मे, खुशियां ही खुशियां भर दूं

फटके तुम्हारे पास कहीं, जो भी बुरी बलाएं
साथ दे ऊपरवाला तो, सारी बला को हर दूं

कुछ भी नहीं है बस मे अपना, सब है नियति हाथ
स्वर्ग भी फीका लग जाये ,वर्ना ऐसा मैं घर दूं

लिख सकती तो लिख देती, सौभाग्य तेरे माथ
उड़े हमेशा मस्त गगन मे, ऐसा मैं तुझको पर दूं

कुछ न हो गर जीवन मे, फिर भी रहती है आशा
उसके दम पे राह बनाओ,ऐसा तुणीर-सर दूं

कमजोरी को ढाल बनाकर, बढ़ जाओ तुम आगे
पदार्पण हो शीशमहल मे, ऐसा सुन्दर सा दर दूं

मधु तिवारी

12 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 03/01/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 03/01/2017
  3. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 03/01/2017
  4. mani mani 03/01/2017
  5. Madhu tiwari Madhu tiwari 03/01/2017
  6. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 04/01/2017
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 04/01/2017
  7. C.M. Sharma babucm 04/01/2017

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