उपालंभ में करता है–ग़ज़ल

उपालंभ में करता है–ग़ज़ल 

उपालंभ में करता है या आदर से बातें करता है,
हर मनुष्य अपनी भाषा में ईश्वर से बातें करता है.

गागर ने महसूस किया तब एक अनिर्वचनीय स्फुरण,
पानी रिस-रिस कर, जब कोरी गागर से बातें करता है.

आसमान, झीलों में खुद को देख सका कब पूरा-पूरा,
इस कारण भी, गगन असीमित सागर से बातें करता है.

घंटों घर के लोग मगन रहते हैं बच्चे से बतरस में,
बच्चा किलकारी के द्वारा घर भर से बातें करता है.

अवसर तक पहुँचाने वाले को भी कहता नहीं ‘शुक्रिया’,
अवसर से मिलते ही, सीधा अवसर से बातें करता है.

हर पंछी द्वारा, उड़ान से पहले तौले जाते हैं ‘पर’,
उसके बाद, परिंदा नीले अम्बर से बातें करता है.

आगे चलते-चलते, पीछे मुड़कर भी देखा जाता है,
कभी-कभी कलियुग भी, त्रेता-द्वापर से बातें करता है.

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