नव वर्ष की शुभ कामनाएँ

कुछ बीत गया कुछ नया आया है

नये सपनों का आनंद लाया है

भर लो  आँचल ख़ुशियों से तुम

कान्हा भर भर सब लाया है

 

प्रीत की जोत जगाने वाला

नींद गहरी से उठाने वाला

ज्ञान गीता का देने वाला

मोह छुड़ाए

जीने की नयी राह दिखाए

जो मैं मैं करते हम भरमाएँ

सच को हमारे सामने लाए

सार गीता का हमें बताए

जीने का नया ढंग सिखाए

 

ना उलझो समय के फेरों में

दुनिया तो आनी जानी है

समय का चक्र चलता जाए

इंसान भी बदलता जाए

यह तो रीत पुरानी है

भरलो हर पल ख़ुशियों से

हर पल नई कहानी है

 

 

 

 

12 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/01/2017
    • kiran kapur gulati kiran kapur gulati 02/01/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 01/01/2017
    • kiran kapur gulati kiran kapur gulati 02/01/2017
  3. babucm babucm 01/01/2017
    • kiran kapur gulati kiran kapur gulati 02/01/2017
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 01/01/2017
    • kiran kapur gulati kiran kapur gulati 02/01/2017
  5. डॉ. विवेक डॉ. विवेक 01/01/2017
    • kiran kapur gulati kiran kapur gulati 02/01/2017
    • kiran kapur gulati kiran kapur gulati 09/01/2017

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