याद रही या भूल गया

जनवरी-फेबवरी याद रही,चैत्र-बैशाख भूल गया ,
हम मतलबी इंसान अपनो का हाल पूछना भूल गये ।
तारिक बदलना याद रही,बिगड़ी सीरत सुधरना भूल गये ,
मशरूफ़ हुए खुद मैं ऐसे,फौजी को जय हिन्द केहना भूल गये ।

भूल जाओ वो सारे झगडे जो तुझसे कभी किया हम करते थे,
बटने ना देंगे भारत को कसम याद वो करते है ।
भूल जाओ वो शेष कष्टदाई जो तुम्हे रूलाया करती है,
कभी हँसाया हो मैने तुम्हे किस्सा याद वो करते है ।

4 Comments

  1. babucm babucm 01/01/2017
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 01/01/2017
  3. डॉ. विवेक डॉ. विवेक 01/01/2017

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