यह दुनिया है एक मेला – अनु महेश्वरी

यह दुनिया है एक मेला
यहाँ भांति भांति लोगो का है रेला
और एक साल बीत गया
हर तरह के लोग मिले यहाँ
कोई दूसरे को हंसा कर प्रसन्न होता
कोई दूसरे को रुला कर मगन होता
कोई दूसरे को दुःखी देख सुखी रहता
कोई दूसरे को सुखी देख दुःखी रहता
कोई हर बात के लिए किसी और को दोषी ठहराता यहाँ
कोई केवल काम को ही अपने जीवन का उद्देश्य मानता यहाँ
कोई दुःख में भी खुशी रहता
कोई खुशी में भी दुःखी रहता
कोई अभाओ में भी शांत रहना जानता
कोई सब कुछ होते हुए अशान्त रहता
कोई कठोर परिश्रम कर के भी माथे पर शिकन नहीं लाता
कोई बस बैठे बैठे भी परेशान हो जाता
एक मेला है यह दुनिया
यहाँ भांति भांति लोगो का है रेला
जो जहाँ है जैसा है
किसी वजह से है
आने वाले साल में भी
हर तरह के लोग ज़िन्दगी आएंगे ही
पर अपने मन की शांति के लिए मैंने है सोचा
किसी और की वजह से मुझे प्रभावित नहीं है होना।

 
अनु महेश्वरी
चेन्नई

***Wishing you all a very happy, healthy and prosperous new year.

 

 

14 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 31/12/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 01/01/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/01/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 01/01/2017
  3. babucm babucm 01/01/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 01/01/2017
  4. निवातियाँ डी. के. निवातियाँ डी. के. 01/01/2017
  5. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 01/01/2017
  6. डॉ. विवेक डॉ. विवेक 01/01/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 01/01/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 02/01/2017
  7. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 02/01/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 02/01/2017

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