जीवन जीने की कला

जीवन जीना भी एक कला होती है
कोई रोकर जीता है तो कोई हंसकर
पर जीता वो ही
जिसमे जितने की ललक होती है
जिन्दगी तो सुअर और कुत्ते भी जीते है
पर असली जिन्दगी शेर की होती है
वह पुरी जिन्दगी हंसते हुए बिताता है
वही दूसरी ओर कुत्ते और अन्य जानवर
उस शेर को देखकर भौकते है
और जिन्दगी भर भौकते ही रहते है!

4 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 30/12/2016
  2. कृष्ण सैनी कृष्ण सैनी 31/12/2016
  3. कृष्ण सैनी कृष्ण सैनी 31/12/2016

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