गुमसुम—डी. के. निवातिया

कुछ तो बात है जो गुमसुम हो,
राज-ए-दिल कभी खोला करो,
दिल ऐ हालात नही तो न सही,
अपने लबो से तो कुछ बोला करो… !!

!

!
डी. के. निवातिया ____@

18 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 02/01/2017
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 03/01/2017
  2. mani mani 02/01/2017
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 03/01/2017
  3. sumit jain sumit jain 02/01/2017
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 03/01/2017
  4. Shyam Shyam tiwari 02/01/2017
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 03/01/2017
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 02/01/2017
  6. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 03/01/2017
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 03/01/2017
  7. C.M. Sharma babucm 03/01/2017
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 03/01/2017
      • C.M. Sharma babucm 04/01/2017
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 03/01/2017
  8. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 04/01/2017
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 09/01/2017

Leave a Reply