इबादत सी लगे मुझे इश्क-मनिंदर सिंह “मनी”

इबादत सी लगे मुझे इश्क,
सौगात सी लगे मुझे इश्क,,
पत्थरो को कर दे मोम सा,
मोहिनी सी लगे मुझे इश्क,,

माँ का प्रेम लगे मुझे इश्क,
बाप की सीख लगे मुझे इश्क,,
रिश्तो को जोड़ता सभी से,
एक सूत्र सा लगे मुझे इश्क,,

शैशव फूल लगे मुझे इश्क,
ढलती शाम लगे मुझे इश्क,
इंतज़ार प्रेमी प्रेमिका का,
दुआ सी है लगे मुझे इश्क,,

चक्षु में रात, लगे मुझे इश्क,
दीदार सा लगे मुझे इश्क,,
हो सामने आँखों के सनम
झुकती नज़र लगे मुझे इश्क,,

खारे अश्क लगे मुझे इश्क,
रस का मेह लगे मुझे इश्क,,
नहीं है कुछ भी समझ क्या ये,
बहती पवन लगे मुझे इश्क,,

पर आज लालसा लगे इश्क,
क्रोध में है जला लगे इश्क,,
अपना संदर्श है जीने का,
खुदा का जरिया लगे इश्क,,

मनिंदर सिंह “मनी”

नोट:- १६-१६ मात्राओ में लिखने की कोशिश की है आप सभी गुणीजनों से अनुरोध है की आप देख कर बताये कहाँ तक कामयाब हुआ हूँ मैं |

12 Comments

  1. babucm babucm 28/12/2016
    • mani mani 28/12/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 28/12/2016
    • mani mani 28/12/2016
  3. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 28/12/2016
    • mani mani 29/12/2016
  4. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 28/12/2016
    • mani mani 29/12/2016
  5. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 28/12/2016
    • mani mani 29/12/2016
  6. Madhu tiwari Madhu tiwari 29/12/2016
    • mani mani 29/12/2016

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