प्रतीक्षा—–ऋतुराज

प्रतीक्षा है मेरे मन मे तेरे कदमों की आहट की
बसा रखी है आॅखों में यादें मुस्कुराहट की
प्रतीक्षा है मेरे मन मे तू वापस आयेगा लल्ला
मेरे आंसू सुनाते हैं तेरी गाथा शहादत की ।
प्रतीक्षा है मेरे मन मे तेरे कदमों की आहट की।।

प्रतीक्षा है मेरे भईया,तुझसे फिर लड़ाई की
मेरी आॅखें बरसती हैं,बनी मैं पीड़ पराई सी
तेरी गुड़िया बुलाती है अब आ भी जा मेरे भईया
प्रतीक्षा है मेरी राखी को,बस तेरी कलाई की ।
प्रतीक्षा है मेरे भईया,तुझसे फिर लड़ाई की।।

प्रतीक्षा है मेरे प्रियतम् मेरे माथे की लाली को
मेरी सिन्दुरी भावों को,मेरी पूजा की थाली को
मैंने नयनों में पाले हैं तेरे ही नाम का सावन
प्रतीक्षा है मेरे प्रियवर, मेरी होली दिवाली को।
प्रतीक्षा है मेरे प्रियतम् मेरे माथे की लाली को।।

प्रतीक्षा है मेरे बाबुल तेरी बेटी दुलारी को
तेरी आॅखों की प्यारी को तुम्हारी राजकुमारी को
ना भुलूंगी तेरा कहना कि लाऊंगा तेरा गुड्डा
प्रतीक्षा है मेरे बाबुल,मेरी घुंघट और डोली को ।
प्रतीक्षा है मेरे बाबुल तेरी बेटी दुलारी को

—–ऋतुराज

10 Comments

  1. babucm babucm 28/12/2016
    • Rituraj Srivastava ऋतुराज 28/12/2016
  2. आनन्द कुमार ANAND KUMAR 28/12/2016
  3. Madhu tiwari Madhu tiwari 28/12/2016
    • Rituraj Srivastava Rituraj Srivastava 28/12/2016
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 28/12/2016
  5. mani mani 28/12/2016
    • Rituraj Srivastava Rituraj Srivastava 28/12/2016
  6. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 28/12/2016
  7. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 28/12/2016

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