सच कहता हूँ…

सच कहता हूँ मैं
मेरी बात पर गौर करो
बुरी संगत में पड़कर
न अपने आप को बर्बाद करो ।

भूल चुके हो अपने आप को
कि कौन हूँ मैं ,
अरे ! इन्सान हो
इन्सानियत पर न वार करो ।

मनुज है तू , असंवेदित प्राणी नहीं
क्या सो गया है तेरा जमीर
तेरी आँखों में पानी नहीं ।

जिस राह पर तू चल रहा है
सीना तानकर
क्या जानता है, तुझे ये ले जायेगा
किस मोड़ पर ।

इसलिए …
सच कहता हूँ
मेरी बात पर गौर करो
इन्सान हो
इन्सानियत पर न वार करो ।।
– आनन्द कुमार

10 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 27/12/2016
    • ANAND KUMAR ANAND KUMAR 28/12/2016
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 27/12/2016
    • ANAND KUMAR ANAND KUMAR 28/12/2016
  3. babucm babucm 28/12/2016
    • ANAND KUMAR ANAND KUMAR 28/12/2016
  4. mani mani 28/12/2016
    • ANAND KUMAR ANAND KUMAR 28/12/2016
  5. निवातियाँ डी. के. निवातियाँ डी. के. 28/12/2016
    • ANAND KUMAR ANAND KUMAR 28/12/2016

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