तुम्हारे होने से

शीर्षक-“तुम्हारे होने से”
मेरी ज़िन्दगी में जब से तेरी आहट हुई
तेरे कदमो की सूगबुगाहट हुई
साँसों को सांस लेने का इल्म हुआ
दिल का दिल पर जुल्म हुआ
दुनिया कहती है- इश्क हुआ
इश्क क्या है
मैं जानता नहीं
इश्क की रंगत पहचानता नहीं
इश्क के सूरत की मुझे पहचान नहीं
इश्क के सीरत का कोई भान नहीं
मैं बस इतना जान पाया
मेरी ज़िन्दगी में जब से तेरी आहट हुई
तेरे कदमो की सुगबुगाहट हुई
हवाएं तेरी खुशबू को फ़ैलाने लगी
रंगों में प्यार की रंगत बिखरने लगी
ज़िन्दगी को जीने का एहसास होने लगा
इस बेसब्र मन को सब्र होने लगा
तुम्हारे होने को एहसास होने लगा
मेरी ज़िन्दगी में जब से तेरी आहट हुई
तेरे कदमो की सूगबुगाहट हुई–composed by Abhishek Rajhans

7 Comments

  1. babucm babucm 27/12/2016
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 27/12/2016
  3. Madhu tiwari Madhu tiwari 27/12/2016
    • Abhishek Rajhans 14/02/2017
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 27/12/2016
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 27/12/2016
  6. आनन्द कुमार ANAND KUMAR 28/12/2016

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