मुस्कान-मनिंदर सिंह “मनी”

जाने कहाँ गुम हो गयी मुस्कान,
जाने कहाँ जा सो गयी मुस्कान,,
दिखती नहीं अब चेहरे पर मेरे,
अभी यही थी कहाँ गयी मुस्कान,,

बड़ी ख़ुशी की चाह में रुकी मुस्कान,
छोटी को अनदेखा कर रही मुस्कान,,
भाग रहा हूँ, दौलत, शौहरत के लिए,
लगता भूल गया हूँ, अपनी ही मुस्कान,

बंद कर ली मैंने दीवारों में मुस्कान,
वजह ढूंढ रही है हँसने को मुस्कान
जो है मेरे पास, उसकी ख़ुशी नहीं,
जो नहीं है उसे, खोज रही मुस्कान,

शायद गमो ने ढक ली मुस्कान,
शायद हँसना भूल गयी मुस्कान,,
पर जब गिरता देखती किसी को,
तब कही जा कर आती है मुस्कान,,

आने वाले पल से बेखबर है मुस्कान,
जोड़ने को बेसब्र सी है मेरी मुस्कान,
कुछ साथ ले कर आये ना ले के जाना,
छोड़ जाओ रोते हुए चेहरे पर मुस्कान,

मनिंदर सिंह “मनी”

10 Comments

  1. निवातियाँ डी. के. निवातियाँ डी. के. 26/12/2016
    • mani mani 28/12/2016
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 26/12/2016
    • mani mani 28/12/2016
  3. babucm babucm 27/12/2016
    • mani mani 28/12/2016
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 27/12/2016
    • mani mani 28/12/2016
  5. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 28/12/2016
    • mani mani 29/12/2016

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