बेमिसाल – शिशिर मधुकर

मैं तो परेशान हूँ कहो तुम्हारा क्या हाल है
लम्बी दूरीयों का क्या तुमको भी मलाल है

जब साथ में होते हैं कुछ लहरें सी उठती है
दर्द बिछड़ने का दिलों को करता हलाल है

वैसे तो लाख चेहरे मिलते हैं इस सफ़र में
पर एक तेरा मुखड़ा ही सबसे बेमिसाल है

इन प्यार की राहों में लुट जाते हैं मुसाफिर
क्यों चलते हैं इन पे फ़िर यही तो सवाल है

मुहब्बत के जज्बे से जो खुशी मिले मधुकर
सदियों से ये दुनियाँ उस पे ही तो निहाल हैं

शिशिर मधुकर

6 Comments

  1. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 25/12/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/12/2016
  2. C.M. Sharma babucm 25/12/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/12/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/12/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/12/2016

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