कुछ पल मुस्कुराये होते—डी के निवातिया

तुम अगर मेरी जिंदगी में आये होते
तो हम भी कुछ पल मुस्कुराये होते !!

न रहते जिंदगी में तुम भी यूँ तन्हा
न अकेले में हमने आँसू बहाये होते !!

बेझिझक होती खट्टी मीठी तकरार भी
न गुफ्तगू के लिये बहाने बनाये होते !!

नाता अपना भी अधूरा था ख़ुदा के घर से
वरना बाहोँ के झूले हमने भी झुलायें होते !!

कोई तो रहा होगा नाता “धर्म” से जग में
यूँ ही तो न एक दूजे के दिल में समाये होते !!

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डी के निवातिया _____________@

12 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/12/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 30/12/2016
  2. C.M. Sharma babucm 27/12/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 30/12/2016
  3. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 27/12/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 30/12/2016
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 27/12/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 30/12/2016
  5. Madhu tiwari Madhu tiwari 27/12/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 30/12/2016
  6. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 28/12/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 30/12/2016

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