आ गया नया साल—मधु तिवारी

बीत गया पुराना, आ गया नया साल
याद करो,बीते बरस मे क्या किया है कमाल

कभी किसी गिरते को बचाया, गिरे को उठाया
जिसे ठुकराया औरों न,उसको गले लगाया
किसी कोअपने खजाने से, थोड़ी खुशी दिया निकाल
बीत गया पुराना, आ गया नया साल

कहीं किसी कोने मे, कोई एक प़ेड़ लगाया
सीचा उसको इतना कि सूरज से आँख मिलाया
अपने दिल से आप ही कर लो ये छोटा सवाल
बीत गया पुराना, आ गया नया साल

बिन टोटी की नल से, क्या बहते जल को रोका
करता हो जल की बरबादी कहीं जो, उसको टोका
या छोड़ दिया ऐसा होते उसे समझ जंजाल
बीत गया पुराना आ गया नया साल

कवयित्री– मधु तिवारी

12 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/12/2016
  2. C.M. Sharma babucm 22/12/2016
  3. Madhu tiwari Madhu tiwari 22/12/2016
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 22/12/2016
  5. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 22/12/2016
  6. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 22/12/2016

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