सच और झूठ – अनु महेश्वरी

झूठ का सहारा
कब लेते होंगे लोग?
कुछ तो आदतन बोलते होंगे
कुछ लोग मजबूरी में बोलते होंगे
कभी कठोर कानून की मजबूरी
कभी अपनों को ठेस न पहुचाने की मजबूरी
कभी किसीको बचाने की मजबूरी।

यह भी जाना है मैंने
झूठ के साथ और एक
परेशानी जूड़ी होती है
कब कहा कैसे किससे क्यों बोला झूठ
हमेसा याद रखना पड़ता है
और अगर झूठ बोलने की
आदत पर जाए
तो यह समस्या बन जाती
झूठ बहुत देर तक
किसीका साथ नहीं निभाती।

यह भी पाया मैंने
सच बोलते वक़्त
कुछ याद रखने की जरुरत ही नहीं
क्योकि सच समय के साथ
कभी बदलता नहीं
हा यह सही है
कभी कभी सच बोलने में
परेशानी हो सकती है
पर यह बाद की मुश्किलो से
हमें बचाती भी है।

बोल कर झूठ
पल भर की खुशी पायी जा सकती है
पर बोलने से सच
ज़िन्दगी भर का चैन मिलता है।

 
“अनु महेश्वरी”
चेन्नई

16 Comments

  1. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 16/12/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 16/12/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/12/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 16/12/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 16/12/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 16/12/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 16/12/2016
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 16/12/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 16/12/2016
  5. Manjusha Manjusha 16/12/2016
  6. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 16/12/2016
  7. C.M. Sharma babucm 16/12/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 16/12/2016
  8. mani mani 17/12/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 17/12/2016

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