स्याही में खून—डी. के. निवातिया

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आज फिर कलम के निकले है आंसू
जिनसे जमीन पर एक तस्वीर उभर आई है।
जरुर हुई है सरहद पे कोई नापाक हरकत
तभी स्याही में खून की झलक नजर आई है ।।

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डी. के. निवातिया

12 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 15/12/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/12/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/12/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/12/2016
  3. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 16/12/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/12/2016
  4. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 16/12/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/12/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/12/2016
  5. Madhu tiwari Madhu tiwari 17/12/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/12/2016

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