ग्रहण – शिशिर मधुकर

ग्रहण सूरज पे लगता है तो उसका तेज रुकता है
पड़े जब चाँद पर छाया तो उसका रूप छुपता है
किसी जीवन में लग जाए अगर दुर्भाग्य का ग्रहण
ऐसा इंसा तो बस फ़िर सदा खुशियों को तकता है

शिशिर मधुकर

10 Comments

  1. mani mani 15/12/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/12/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 15/12/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/12/2016
  3. C.M. Sharma babucm 15/12/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/12/2016
  4. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 16/12/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/12/2016
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/12/2016

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