पागल…सी. एम्. शर्मा (बब्बू)….

उसने पुछा तेरे तस्सवुर में कौन रहता है..
जो तू इतना खिला खिला सा रहता है….
मैंने उसको बोला क्या कहूँ तुमको वो कौन है….
एक रूप एक नाम हो तो कहूँ की वो कौन है…

मेरी पेशानी को देखा उसने ..फिर सवाल ठोका ….
वो जान है…जानशीन है…जिगर है चाँद है कौन है….
मैं बोला भले ..तू क्यूँ बांधता है उसको किसी दायरे में…
वो असीम है…बेमिसाल है…लाजवाब है…
नाम हो के भी बेनाम है….पर तू क्यूँ परेशान है….

उसको तसल्ली नहीं हुई….फिर से बोला…
तू रह रह के मुस्कुराता है….भटक जाता है…
कौन है तेरे दिल में जिस से तू बात करता है…
मैंने कहा…वो मेरी आत्मा है…मेरी परछाई है….
जिस से मैं बात करता हूँ…मैं तो हूँ ही नहीं…
क्यूंकि मिलन की चाह में ‘चन्दर’ उसमें और
वो चन्दर में इतना रम गया है…
कैसे कहूँ अब वो कौन है…
जो मेरे तस्सवुर में है…
जिस से मैं बात करता हूँ…

वो सकपकाया….पशेमान सा…बुदबुदाता चल दिया….
तू पागल है….
\
/सी. एम्. शर्मा (बब्बू)….

16 Comments

  1. M Sarvadnya M Sarvadnya 15/12/2016
    • babucm babucm 16/12/2016
  2. mani mani 15/12/2016
    • babucm babucm 16/12/2016
  3. Madhu tiwari Madhu tiwari 15/12/2016
    • babucm babucm 16/12/2016
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 15/12/2016
    • babucm babucm 16/12/2016
  5. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 15/12/2016
    • babucm babucm 16/12/2016
  6. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 15/12/2016
    • babucm babucm 16/12/2016
  7. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 16/12/2016
    • babucm babucm 17/12/2016
    • babucm babucm 17/12/2016

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