साँसों को डोर —–डी. के. निवातिया

कुछ मीठी सी यादो संग,
धुंधले से पलों में खुद को समेट रखा है
इनमे ही बंधी है साँसों को डोर,
और इनके सिवा जिंदगी में क्या रखा है !!

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डी. के. निवातिया

14 Comments

  1. babucm babucm 17/12/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/12/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 17/12/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/12/2016
  3. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 17/12/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/12/2016
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 17/12/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/12/2016
  5. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 19/12/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/12/2016
  6. mani mani 19/12/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/12/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/12/2016

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