तालिबान

कोई दलील नहीं
कोई अपील नहीं
कोई गवाह नहीं
कोई वक़ील नहीं
वहाँ सिर्फ़ मौत है

कोई इंसान नहीं
कोई ईमान नहीं
कोई पहचान नहीं
कोई विहान नहीं
वहाँ सिर्फ़ मौत है

वहाँ सिर्फ़ मौत है
वहाँ सिर्फ़ धर्म है
धर्म को मानिए
या फिर
बेमौत मरिए

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