बचपन अौर खूशी

मेरे शहर की गली में रहता था बचपन
अौर अगली मोड में रहती थी खूशी

वो हर सूबह शाम मिलते थे अक्सर
उन दोनों में थी काफी गहरी दोस्ती

बचपन का था थोडा रूखा स्वभाव
छोटी सी बात में गरम होता उसका भाव

खूशी थी होशियार, बचपन से था उसे प्यार
उसे हंसाने चली अाती, सारे काम छोड-छाड

संग-संग करते मस्ती, कभी-कभी ही करते लडाई
पर कोई भी लडाई, उनमें दूरी बना नहीं पाई

जब भी मन होवे खूश याद दिलाए बचपन
जब याद अाए बचपन खूश हो जाए मन

मेरे शहर की गली में रहता था बचपन
अौर अगली मोड में रहती थी खूशी

वो हर सूबह शाम मिलते थे अक्सर
उन दोनों में थी काफी गहरी दोस्ती

15 Comments

  1. mani mani 13/12/2016
  2. Tishu Singh Tishu Singh 13/12/2016
  3. Madhu tiwari Madhu tiwari 13/12/2016
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/12/2016
  5. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 13/12/2016
  6. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 13/12/2016
  7. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 13/12/2016
  8. M Sarvadnya M Sarvadnya 13/12/2016
  9. C.M. Sharma babucm 14/12/2016

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