हल निकाले हम – अनु महेश्वरी

क्यों परेशान होना
औरो के सुख को देख
देखना ही है तो
औरो के गम को देख|

क्यों दुःखी होना
औरो के बुराई को देख
देखना ही है तो
औरो की भलाई को देख|

क्यों खुश होना
दूसरे को गिरते देख
खुश होना ही है तो
गिरते को सहारा देकर देख|

क्यों केवल दुःखी होना
भूखे आदमी को देख
कुछ करना ही है तो
खुश हो, उसे खाना खिलाकर देख|

क्यों मुँह चिड़ाना
शहर की गन्दगी देख
करना ही है तो
एक दिन श्रमदान करके देख|

क्यों आलोचना करते रहना
देश की हालत देख
करना ही है तो
अपना योगदान देकर देख।

 

“अनु महेश्वरी”
चेन्नई

14 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 12/12/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 12/12/2016
  2. M Sarvadnya M Sarvadnya 12/12/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 12/12/2016
  3. babucm babucm 13/12/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 13/12/2016
  4. mani mani 13/12/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 13/12/2016
  5. Madhu tiwari Madhu tiwari 13/12/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 13/12/2016
  6. निवातियाँ डी. के. निवातियाँ डी. के. 13/12/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 13/12/2016
  7. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 13/12/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 13/12/2016

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