Ab Tu Jeet

अब तू जीत ,छोड़ दे हार
एक दो नहीं ,चार से मार
अब इंतज़ार कर न यार
कर कुछ ऐसा की हिल जाए संसार

द्वारा – मोहित सिंह चाहर ‘हित’

3 Comments

  1. M Sarvadnya M Sarvadnya 11/12/2016
  2. mani mani 12/12/2016
  3. babucm babucm 12/12/2016

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