मुस्कुराहट – अनु महेश्वरी

मत सोचो हमेशा
क्या क्या दिया हमने
सोचना ही है तो सोचो
क्या क्या पाया हमने
बीते दुःख के पल को
याद कर दुःखी होनेसे क्या होगा?
याद करना ही है तो
खुशी के पल को याद करो
जिससे होंटो पे हलकी मुस्कराहट फैले
जो आसपास के सब को प्रभावीत करे
वो भी आपके साथ मुस्कुराने लगे
और घर का वातावरण खुशहाल बने
खिलती कलियां फूलों की
महकाती जैसे बाग़ को
हँसता हुआ आपका चेहरा ही
खुशियों से भरती संसार को|

 

अनु महेश्वरी
चेन्नई

11 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/12/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 08/12/2016
  2. babucm babucm 09/12/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 09/12/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 09/12/2016
  3. निवातियाँ डी. के. निवातियाँ डी. के. 09/12/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 09/12/2016
      • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 09/12/2016
  4. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 09/12/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 09/12/2016

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