क्या सितम था”””””””””सविता वर्मा

एक कोशिश आप सब की नजर का इन्तजार

मैं चला था तुम्हारी इक झलक पाने की खातिर
तुमने हंसकर बात कर लिया, क्या कम था

मैं बातों को सुन रहा तुम्हारी होश खोकर
तुमने सामने बिठा लिया, क्या करम था

मैंने पहली बार देखी तुम्हारी बेइंतहा खुबसूरती
तुमने जुल्फों को खोल लिया, क्या सितम था

मैं चाहकर भी न निहार पाया तुम्हारा चेहरा जी भर
तुमने आंखो और धड़कनों में हंगामा किया, क्या कम था।।।