सुर……..डी. के. निवातिया !!

पत्थरो में खिला सकते है फूल
बस जरा भावनाओ के सुर मिला लीजिये !
हमसफ़र बन जाये गर दुश्मन
फिर राहे सफर का  अंजाम क्या कीजिये !!
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डी. के. निवातिया !!

14 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 06/12/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 07/12/2016
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 06/12/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 07/12/2016
  3. mani mani 06/12/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 07/12/2016
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 06/12/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 07/12/2016
  5. Madhu tiwari Madhu tiwari 06/12/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 07/12/2016
  6. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 06/12/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 07/12/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 07/12/2016

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