आँशु

दिल की हर दर्द को ये आँशु क्या समझे,
हमारी हर मर्ज को ये कातिल क्या समझे,
तंग तो हमे ज़माने ने कर रखा था यहाँ,
जब आँखे मूँद ली तो वो आँशु गिरा तमके..

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  1. C.M. Sharma babucm 03/12/2016

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