संतोष हो मन में तो खुशिया रहती जीवन में – अनु महेश्वरी

सुख और खुशी
एक दूसरे के परिपूरक हो सकते है
पर चिरस्थायी नही भी हो सकते है
अगर आप खुश है ज़रूरी नहीं आप सुखी ही हो
और सुखी है तो ज़रूरी नहीं आप खुश ही हो
सुख एवं खुशी समय के साथ बदलते भी रहते
कल था आज भी है कल न रहे
कल नहीं था आज है कल न रहे
कल था आज नही है कल रहे
पर संतुष्टि अपने अंदर से है आती
पा लिया इसे तो हमेशा साथ निभाती
सुख हो या दुःख हो संतोष अगर है मन में
जीवन के हर मोड़ पे खुशिया रहती जीवन में …

 
“अनु महेश्वरी”
चेन्नई

10 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/12/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 03/12/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 03/12/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 03/12/2016
  3. Madhu tiwari Madhu tiwari 03/12/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 03/12/2016
  4. C.M. Sharma babucm 03/12/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 03/12/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 06/12/2016

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