नज़र मिलती रहे – शिशिर मधुकर

जिंदगी नाव की मानिंद यूँही बस चलती रहे
मुहब्बत की आग प्यासे दिलों में जलती रहे
लहरें तो सदा आगोश में लेने को मचलती है
कुछ दूर से ही नज़रों से ये नज़र मिलती रहे

शिशिर मधुकर

6 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 03/12/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/12/2016
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 03/12/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/12/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 03/12/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/12/2016

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