देखो सभी, तेवर बदलने लगे नोट….मनिंदर सिंह “मनी”

देखो सभी, तेवर बदलने लगे नोट,
खुद ही जेबो से अब निकलने लगे नोट,

था रुपया, कब से तिजौरी में ही बंद,
ताज़ी हवा में आज उड़ने लगे नोट,

पीया लहू मजदूर का, हर किसी ने ही,
उस खून को नीलाम करने लगे नोट,

कैसे सियासत खेल खेले सभी में आज,
हर चाल अपनी सोच चलने लगे नोट,

जग है रही उम्मीद अच्छे दिनों की,
होगा “मनी” कुछ, बात करने लगे नोट,,

मनिंदर सिंह “मनी”

10 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 02/12/2016
    • mani mani 02/12/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 02/12/2016
    • mani mani 03/12/2016
  3. babucm babucm 02/12/2016
    • mani mani 03/12/2016
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 02/12/2016
    • mani mani 03/12/2016
  5. Madhu tiwari Madhu tiwari 03/12/2016
    • mani mani 05/12/2016

Leave a Reply