वाह रे नोट —हाईकू —डी. के. निवातिया

वाह रे नोट
कभी लगे तू प्यारा
सबसे न्यारा ।

कभी जग को
दिखे तुझमे खोट
वाह रे नोट ।

नोट बदले
हाल बदल गये
आम जन के !

हँसता कोई
कोई रोता जाता है
इस चक्र में !

परिवर्तन
हो ये जरुरी तो है
किस शर्त पे !

करो जतन
न हो परेशानियां
निकले दम !

जनता चाहे
तुम्हे जान  से ज्यादा
न तोड़ो भ्रम !

!

!

1

!

डी. के. निवातिया

 

6 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 02/12/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 03/12/2016
  2. C.M. Sharma babucm 03/12/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 03/12/2016
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 03/12/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 03/12/2016

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