है शबाब ये तुम्हारा या फागुन त्यौहार है….सी.एम्. शर्मा (बब्बू)..

तुम आओगे मिलने ये पैगामे बहार है….
तब से ही आ गया दिल में खुमार है…..

क्यूँ दिल सुने अब किसी और की बता…
जबसे है तुमको देखा वो बस बेकरार है….

क्षितिज संग सुनहरा हो रहा है दिल…..
चाहतों की तारों संग लगी कतार है….

मन फूल गर खिला खिला माली भी है खिला….
है शबाब ये तुम्हारा या फागुन त्यौहार है….

‘चन्दर’ दिल की हालत खुद को पता ना थी…
फिर भी ये तेरा मेरा मन क्यूँ एकसार है….
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/सी.एम्. शर्मा (बब्बू)

8 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/12/2016
    • babucm babucm 02/12/2016
  2. निवातियाँ डी. के. निवातियाँ डी. के. 01/12/2016
    • babucm babucm 02/12/2016
  3. mani mani 02/12/2016
    • babucm babucm 02/12/2016
  4. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 02/12/2016
    • babucm babucm 02/12/2016

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