नादान दिल …..डी. के. निवातियाँ _

साथ निभाना नही था तो जिंदगी में आये क्यों थे
जन्मो के बंधन रिश्तो के धागे में पिराये क्यों थे
जब मालूम था खिलना तुम्हे किसी और के चमन  
फिर प्रेम के अंकुर इस नादान दिल उगाये क्यों थे !!

!amish-buggy-dick-hollon
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डी. के. निवातियाँ _______@@@
 

12 Comments

  1. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 25/11/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 30/11/2016
  2. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 25/11/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 30/11/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/11/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 30/11/2016
  4. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 26/11/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 30/11/2016
  5. babucm babucm 26/11/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 30/11/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 30/11/2016

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