धड़कने मिलती नहीँ – शिशिर मधुकर

किया जिसने मुझे रुसवा वो अब आँसू बहाते हैं
मुझे सारे सितम उसके पर हर क्षण याद आते हैं
ये मेरा प्यार था जो मैं तेरी खामी को छुपाता था
वरना तेरी रुसवाई करना मुझको भी आता था
मगर सीमाएँ तूने लांघ दीं और विश्वास भी तोड़ा
मुझे बदनाम कर दुनियाँ में कहीँ का नहीँ छोड़ा
तुम ही कहो अब कैसे मैं तुम पर प्यार बरसाऊ
जब धड़कने मिलती नहीँ क्यों कर पास में आऊं

शिशिर मधुकर

12 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 25/11/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/11/2016
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 25/11/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/11/2016
  3. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 25/11/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/11/2016
  4. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 26/11/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/11/2016
  5. C.M. Sharma babucm 26/11/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/11/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/11/2016

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