उम्मीदें – शिशिर मधुकर

मुहब्बत ना मिली हमको दोनों हाथ भी रीते हैं
इस बहाने मगर हम इसी के ख्वाबों में जीते हैं

बुझ जाए अगर प्यास इंसा कुछ भी ना करेगा
मुहब्बत के सभी जाम रुक रुक के हम पीते हैं

दिल टूटा है बार बार पर उम्मीदें सभी जिंदा हैं
सारे पड़ाव इस सफर के अब तक नहीँ बीते है

पहले पहल जब चोट लगी कराह उठे थे हम
हर घाव बड़ी आसानी से अब तो हम सीते हैं

तसव्वुर जो यार का ना हो इस सीने में मधुकर
सब कुछ हो पास फ़िर भी बेमजा सी ये शीते हैं

शिशिर मधुकर

12 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/11/2016
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 23/11/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/11/2016
  3. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 23/11/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/11/2016
  4. निवातियाँ डी. के. निवातियाँ डी. के. 23/11/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/11/2016
  5. kiran kapur gulati Kiran kapur Gulati 24/11/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 25/11/2016
  6. babucm babucm 24/11/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 24/11/2016

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