बेलगाम प्रेस – शिशिर मधुकर

विधायिका कार्यपालिका न्यायपालिका और प्रेस
ये सच्चे लोकतंत्र के सभी बड़े महत्वपूर्ण अंग हैं
यदि कोई भी इन चारों में से बेलगाम हो जाए तो
प्रजा के सुख चैन को तो हो ही जाना यहाँ भंग है
अपने महान देश में पर आज प्रेस का जो हाल है
लगता है जैसे ये तो कुछ पैसे वालों का दलाल है
दूरदर्शन छोड़ इन पर प्रजा का ना कोई कंट्रोल है
इसलिए अक्सर इन सभी के बड़े बेतुके से बोल हैं
बस चंद पैसे वाले घरानों की ये तो निजी दुकान हैं
राजनैतिक हितसाधन और कमाई जिनका काम है
गर भारत को हमें अराजकता में जाने से बचाना है
इस बेलगाम प्रेस को जनता के नियंत्रण में लाना है

शिशिर मधुकर

12 Comments

  1. Manjusha Manjusha 15/11/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/11/2016
  2. babucm babucm 15/11/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/11/2016
  3. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 15/11/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/11/2016
  4. mani mani 16/11/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/11/2016
  5. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 16/11/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/11/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/11/2016

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