भरोसा ।

शायद, अपनी काबिलियत पर, अब उसे भरोसा नहीं रहा,
अहसास-जज़बात की रगों को, काटने पर तूला है दिल..!

काबिलियत = हुनर;
अहसास = अनुभव;
जज़बात = मनोभाव;
रग = नस,बुनियाद;
तूलना = तत्पर होना;
मार्कण्ड दवे । दिनांकः ०९ अगस्त २०१६.

bharosa

8 Comments

  1. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 13/11/2016
    • Markand Dave Markand Dave 14/11/2016
  2. babucm babucm 13/11/2016
    • Markand Dave Markand Dave 14/11/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/11/2016
    • Markand Dave Markand Dave 14/11/2016
  4. डॉ. विवेक डॉ. विवेक 15/11/2016

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