फूटपाथ- सोनू सहगम

-:फूटपाथ:-

ए ज़िन्दगी बड़ी मगरूर है तू
फुटपाथ पर सोते देखा,
कितनी बेबस,कमजोर है तू।।

है पत्थर सीने में, दिल नही
देखा न वहां, पेट कोई ऐसा,
जिस में भूख से पड़े बल नही ।।
न तन पर कपडा दिखता है ,
ना भूखे पेट को निवाला मिलता है।
देख तेरी महलों की दुनिया में,
इक जहाँ फुटपाथ पर भी बस्ता है।।
खुशियों का दिखा आइना,
ग़मों से कराती रूबरू है तू ।।

लेखक:- सोनू सहगम

5 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 11/11/2016
    • Sonu Sahgam Sonu Sahgam 11/11/2016
  2. babucm babucm 11/11/2016
  3. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 13/11/2016
  4. Bharti Das Bharti Das 13/11/2016

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