४५. महोब्बत कर लेते …………………….. गर तुम भी |गीत| “मनोज कुमार”

महोब्बत कर लेते हम भी, साथ गर दे जाते तुम भी
जीत लेते हम तो दुनिया, साथ में होते गर तुम भी

महोब्बत कर लेते ………………………………………. गर तुम भी

करे हमने बहुत सजदे नही छोड़ी कमी कोई
तुम्हे पाने की इच्छा में सभी खुशियाँ हमने छोड़ी
तुम्हें जिन्दा रखा हमने हरपल याद में अपनी
कमी कोई नही है पर तेरी हरपल कमी रहती

महोब्बत कर लेते ………………………………………. गर तुम भी

पूरे भूलोक में सुन्दर कोई तुमसा नही दिलबर
तेरी पूजा करूं बस मैं मेरी हमराज़ हो दिलबर
हो जाओ रूबरू हमसे यही है आस जीवन की
मुद्दत से खुवाईश है बहारें फिर भी आयेंगी

महोब्बत कर लेते ………………………………………. गर तुम भी

वो साथी छोड़ गया हमको जिसे था जान से प्यारा
जख्म वो दे गया दिल में जिसे था प्यार से प्यारा
प्यासी रूह है मेरी उसी की चाहत में अब भी
सच तो है यही इतना रही जल चाहत में वो भी

महोब्बत कर लेते ………………………………………. गर तुम भी

“मनोज कुमार”

10 Comments

    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 20/05/2017
  1. C.M. Sharma babucm 10/11/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 20/05/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 10/11/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 20/05/2017
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 10/11/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 20/05/2017
  4. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 11/11/2016
  5. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 20/05/2017

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