ये दिल सिवा तुम्हारे……सी. एम्. शर्मा (बब्बू) …

ये दिल सिवा तुम्हारे कोई जानता नहीं….
कुछ भी कहूँ इसे मैं ये मानता नहीं….

अपनों और परायों का हुजूम बेशुमार…
फिर भी है दिल परेशान कोई जानता नहीं….

धुंआ धुंआ सा उठता है आँखों में मेरी…
जैसे हो कुछ सुलगता पर दागता नहीं….

आँखों की दोस्ती में जुबां खामोश है….
दिल बेसब्र सा मेरा कुछ मानता नहीं…..

है वक़्त की नदी में मेरे प्यार की पनाह….
लेकिन जुनूँ मेरा मुझे संभालता नहीं….

दिल की बात होंठों पे आ दब के रह गयी…
इक सरसराहट हुई पर रास्ता नहीं….

अरमान तेरे दिल के कसम मेरे इश्क़ की…..
हो जाएंगे पूरे खुदा मानता नहीं……

‘चन्दर’ की दास्तान है ‘बब्बू’ इश्क़ की जुबां….
दो जिस्म जान एक जहाँ जानता नहीं….
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/सी. एम्. शर्मा (बब्बू)

18 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/11/2016
    • babucm babucm 08/11/2016
    • babucm babucm 08/11/2016
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 08/11/2016
    • babucm babucm 08/11/2016
  3. निवातियाँ डी. के. निवातियाँ डी. के. 08/11/2016
    • babucm babucm 08/11/2016
  4. Savita Verma 08/11/2016
    • babucm babucm 08/11/2016
  5. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 08/11/2016
    • babucm babucm 09/11/2016
  6. Markand Dave Markand Dave 09/11/2016
    • babucm babucm 09/11/2016
  7. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 09/11/2016
    • babucm babucm 10/11/2016
  8. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 10/11/2016
    • babucm babucm 10/11/2016

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