तुमसे मिलता…… संसार सनम |गीत| “मनोज कुमार”

तुमसे मिलता है अपनापन
तुमसे महके मेरा घर आँगन
तुमसे ही हैं जज्बात सनम
तुम साँस मेरी संसार सनम

तुमसे मिलता……………………… संसार सनम

अंजाम मेरा मेरी भोर हो तुम
भूलूँ ना कभी वो ग़ज़ल हो तुम
है व्याकुल मन कर दो ना करम
आ गले लगो रूठो ना सनम

तुमसे मिलता……………………… संसार सनम

बेपनाह करूँ में प्यार तुम्हें
हैं फूल से सुन्दर अधर तेरे
सरगम की तरह भा गई हो तुम
कभी दर्द हो गहरी ख़ुशी हो तुम

तुमसे मिलता……………………… संसार सनम

है लवों पे तेरा प्यार सजन
छिप जाने दो आफताब सजन
परछाईं से भी है प्यार सनम
कर रही है रैन इंतजार सनम

“मनोज कुमार”

14 Comments

  1. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 06/11/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 10/11/2016
  2. mani mani 06/11/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 10/11/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 06/11/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 10/11/2016
  4. babucm babucm 06/11/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 10/11/2016
  5. डॉ. विवेक डॉ. विवेक 06/11/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 10/11/2016
  6. निवातियाँ डी. के. निवातियाँ डी. के. 07/11/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 10/11/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 10/11/2016

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