घनी छाया सा – शिशिर मधुकर

बड़ी मुश्किल से मैंने सहरा में गुलशन खिलाया था
मेरे तपते हुए जीवन में वो घनी छाया सा आया था

हमें फूलों की चाहत थी उन्हे बस महलों की तमन्ना
उजाडी सारी मेरी बगिया ना फ़िर भी चैन पाया था

झूठी चमक पर तुम कभी यहाँ मोहित ना हो जाना
इसी चक्कर में हमने पीतल लिया सोना गंवाया था

अँधेरे घिर गए थे ढेरों मेरे नीरस जीवन की राहों में
उजाले की किरण चमकी वो जब बाँहों में आया था

अपनी फितरत को बदलना कभी आसां नहीँ मधुकर
हमने ता उम्र अपनी हर ईक चाहत को निभाया था

शिशिर मधुकर

16 Comments

  1. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 06/11/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 06/11/2016
  2. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 06/11/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 06/11/2016
  3. mani mani 06/11/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 06/11/2016
  4. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 06/11/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 06/11/2016
  5. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 06/11/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 06/11/2016
  6. babucm babucm 06/11/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 06/11/2016
  7. निवातियाँ डी. के. निवातियाँ डी. के. 07/11/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 07/11/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/11/2016

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