मैं परिंदा, ख्वाहिश आशियाने की….मनिंदर सिंह “मनी”

मैं परिंदा, ख्वाहिश आशियाने की,
तन्हा हूँ पर चाहत तुझे पाने की,,

यूँ तो लाखो है हम पर मरने वाले,
पर जिद है, तुझ पे फ़ना हो जाने की,,

ना जाने कब खत्म होगी तलाश मेरी,
उड़ान को मेरी घरोंदा मिल जाने की,,

तू खोया है अपने ही मस्त सफर पर,
पर देखता हूँ मैं राह तेरे वापस आने की,,

मुस्कुराते हुए उम्र गुजार दूंगा तेरे इंतज़ार में,
तू याद रखना कोई बाट जोह रहा तेरे आने की,

मनिंदर सिंह “मनी”

22 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 05/11/2016
    • mani mani 05/11/2016
  2. ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 05/11/2016
    • mani mani 05/11/2016
  3. Uttam Uttam 05/11/2016
    • mani mani 05/11/2016
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 05/11/2016
    • mani mani 05/11/2016
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 05/11/2016
  6. mani mani 05/11/2016
  7. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 05/11/2016
    • mani mani 05/11/2016
  8. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 05/11/2016
    • mani mani 05/11/2016
    • mani mani 05/11/2016
  9. kiran kapur gulati किरण कपूर गुलाटी 06/11/2016
    • mani mani 06/11/2016
  10. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 06/11/2016
    • mani mani 06/11/2016
  11. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 06/11/2016
    • mani mani 07/11/2016

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